Delhi High Court · 2026-05-16
COURT ON ITS OWN MOTION vs SHIV NARAYAN SHARMA ADV. AND ANR.
- Citation / case number
- CONT.CAS.(CRL)-3/2025 2026:DHC:4423-DB
- Court
- Delhi High Court
- Petitioner
- COURT ON ITS OWN MOTION
- Respondent
- SHIV NARAYAN SHARMA ADV. AND ANR.
Judgment text excerpt
2026:DHC:4423-DB द ल उ च यायालय : नई द ल नणय क त थ: 16.05.2026 अव.वा.(आप.) 3/2025 व आप. व.आ. 2184/2026 आप. व.आ. 9152/2026, आप. व.आ. 15810/2026 अव.वा.(आप.) 4/2025 CONT.CAS.(CRL) 3/2025 & CRL.M.A. 2184/2026, CRL.M.A. 9152/2026, CRL.M.A. 15810/2026 CONT.CAS.(CRL) 4/2025 यायालय अपने समावेदन पर …. या चकाकता वारा : ी हष भाकर, अ धव ता ( याय म ) सह ी व ु चौधर , ी शुभम सौरव एवं ी विजत संह, अ धव तागण ी ववेक कुमार टं डन, अ धव ता (डीएचसीएलएससी) सह सु ी ल मी गु ता, अ धव ता बनाम शव नारायण शमा, अ धव ता व अ य द पक संह, अ धव ता व अ य …. यथ गण वारा : ी गुलशन पाहुजा, यथ -2 सदे ह। ी अमन उ मान, अ त.लो.अ भ सह ी मानवे यादव, रा य हे तु अ धव ता अव.वा.(आप.) 3/2025 व 4/2025 पृ ठ सं. 1 2026:DHC:4423-DB कोरमः माननीय यायमू त ी नवीन चावला माननीय यायमू त ी र वं डुडेजा नवीन चावला, या. (मौ खक) 1. हमने, अपने नणय दनांक 21.04.2026 वारा, यथ सं या 2/ ी गुलशन पाहुजा (एत प चात ‘अवमानकता’ से संबो धत) को यायालय क आपरा धक अवमानना करने का दोषी पाया था, जैसा क यायालय अवमानना अ ध नयम, 1971 क धारा 2(ग) म प रभा षत है (एत प चात ‘अ ध नयम’ से संबो धत), और उ ह उ त अ ध नयम क धारा 12 के अंतगत दए जाने वाले दं ड पर अपनी तु तयां तुत करने का अवसर दान कया था। तदनुसार, हमने उ ह यायालय अवमानना ( द ल उ च यायालय) नयम, 2025 के नयम 13(1) के अंतगत एक नो टस जार कया, िजसम उ ह यह वतं ता द गई क वे दो स ताह क अव ध के भीतर दं ड के संबंध म अपनी तु तयाँ दायर कर सक। 2. उ त नो टस के यु र म, यथ सं या 2 ने आप. व.आ. 15810/2026 के प म एक आवेदन तत ु कया है , िजसम उ ह ने हमारे दनांक 21.04.2026 के उस नणय/आदे श, िजसके वारा उ ह यायालय क आपरा धक अवमानना का रत करने का दोषी ठहराया गया था, को वापस लेने एवं अपा त करने क ाथना क है। उ ह ने यह भी अ भ य त कया है क अव.वा.(आप.) 3/2025 व 4/2025 पृ ठ सं. 2 2026:DHC:4423-DB उनका दोष स ध व धक ि ट से द ु भा वत है तथा यह उनके मौ लक अ धकार का उ लंघन करता है , जो भारत के सं वधान के अनु छे द 14, 20(3) एवं 21 तथा नैस गक याय