Delhi High Court · 2025-01-10
SHRI INDERJEET SINGH BINDRA vs SMT RAMESH KUMARI AND OTHERS
- Citation / case number
- CS(OS)-63/2017 2025:DHC:272
- Court
- Delhi High Court
- Petitioner
- SHRI INDERJEET SINGH BINDRA
- Respondent
- SMT RAMESH KUMARI AND OTHERS
Judgment text excerpt
2025:DHC:272 द ल उ च यायालय : नई द ल नणय क त थ: 10 जनवर , 2025 इस मामले म: स.वा. (मू.प.) 63/2017 CS(OS) 63/2017 ी इं जीत संह बं ा ......वाद वारा: ी यामल कुमार, अ धव ता बनाम ीमती रमेश कुमार व अ य ...... तवाद गण वारा: ी ओंकारे वर कांडपाल, ी काश चं , अ धव तागण तवाद -1(क) हे तु। ी राजेश यादव, व र ठ अ धव ता सह ी वी. पी. राणा, ी रजत अि नहो ी, ी कुणाल म ल, सु ी भावना, अ धव तागण डी-1(ख) हे तु । कोरमः माननीय यायमू त ी सु मो णयम साद नणय (मौ खक) अंतर.आ. 545/2025 स.वा. (मू.प.) 63/2017 पृ ठ सं. 1 2025:DHC:272 1. यह पन ु वलोकन या चका दायर करने म दे र को माफ करने के लए वाद क ओर से एक आवेदन है । 2. आवेदन म बताए गए कारण के लए, पुन वलोकन या चका दायर करने म 18 दन क दे र को माफ कया जाता है । 3. आवेदन का नपटान कया जाता है। पुन वलोकन या चका 10/2025 1. वाद ने आदे श VI नयम 17 सीपीसी के तहत वाद वारा दायर एक आवेदन को खा रज करते हुए इस यायालय वारा पा रत आदे श के पुन वलोकन हे तु इस यायालय का दरवाजा खटखटाया है। 2. अनाव यक ववरण को काटते हुए, पुन वलोकन या चका क ओर ले जाने वाले त य यह ह क वाद ने नई द ल क तहसील महरौल िजले के समालखा गांव के े म आयताकार / खसरा सं. 33/7/2, 33/8/2, 33/13, 33/14/1, 33/17, 33/118/2, 36/2 व 36/3 म शा मल लगभग 33 बीघा 09 ब वा भू म के संबंध म दनांक 16.09.1988 / 30.09.1988 के 13 व य वलेख क घोषणा और र द करने के आदे श हे तु वतमान वाद दायर कया है । वाद ने यह घोषणा करने क भी ाथना क है क तवाद का वाद त संप य पर अवैध क जा ह। स.वा. (मू.प.) 63/2017 पृ ठ सं. 2 2025:DHC:272 3. यह वाद का मामला है क वाद उ त संप य का मा लक है । यह कहा गया है क वष 1986 म जसवंत संह भु लर ने अमे रका म उनसे मुलाकात क थी और वशेष प से वष 1984 म हुए सख वरोधी दं ग के म दे नजर वाद के हत पर चंता य त क थी। यह कहा गया था क दनांक 24.07.1987 को मु तारनामा वाद वारा तैयार कया गया था। यह वाद का मामला है क दनांक 24.07.1987 के मु तारनामा पर कभी कारवाई नह ं क गई और उसे वापस ले लया गया। 4. यह कहा गया था क उ त जसवंत संह भु लर ने वा