Delhi High Court · 2025-01-15
KRBL LIMITED vs PRAVEEN KUMAR BUYYANI & ORS.
- Citation / case number
- FAO (COMM)-24/2024 2025:DHC:251-DB
- Court
- Delhi High Court
- Petitioner
- KRBL LIMITED
- Respondent
- PRAVEEN KUMAR BUYYANI & ORS.
Judgment text excerpt
2025:DHC:251-DB द ल उ च यायालय: नई द ल आ. .अ ( वा ण.) 24/2024 FAO (COMM) 24/2024 केआरबीएल ल मटे ड ...... अपीलाथ वारा: ी अन ध बाख , ी एस के बंसल, ी द पक ीवा तव और ी वजय सी राठ अ धव तागण। बनाम वीण कुमार बु यानी व अ य …….. यथ गण वारा: कोरम: माननीय यायमू त ी सी. ह र शंकर माननीय यायमू त ी अजय दगपॉल नणय(मौ खक) 15.01.2025 या. सी. ह र शंकर आ. .अ ( वा ण.) 24/2024 प ृ ठ सं. 1 2025:DHC:251-DB [वैधा नक ावधान को ासं गक सीमा तक फ़ुटनोट म पुन: तुत कया गया है ।] 1. यथ गण क ओर से उपि थत होने वाले व वान अ धव ता का कहना है क उनका मुवि कल उनके संपक म नह ं है। वह रहाई चाहता है, िजसक अनम ु त है। 2. इस मामले म 12 फरवर 2024 को नो टस जार कया गया था। 23 अग त 2024 को इस यायालय ने नदश दया था क इस मामले को अं तम सन ु वाई वाले मामल क ेणी म अं तम सन ु वाई के लए सच ू ीब ध कया जाए। इसके बाद यह मामला दो बार सूचीब ध हो चुका है । यथ गण इस अपील म चुनौती के तहत आदे श के लाभाथ ह, िजसके तहत अपीलाथ -वाद को उसके पूववत वारा दए गए अंत रम नषेधा ा को व वान िजला यायाधीश (वा णि यक यायालय)1 वारा र द कर दया गया है । िजस आदे श को चुनौती द जा रह है उसके कार और इस त य को दे खते हुए क इस मामले को पहले कई मौक पर सच ू ीब ध कया गया है, हम यथ गण क सु वधा क ती ा म मामले को थ गत करने के इ छुक नह ं ह। 3. हमारे वचार म, आ े पत आदे श प ट प से अवैध है और जार नह ं रह सकता। इसके प चात “माननीय वा णि यक यायालय” 1 आ. .अ ( वा ण.) 24/2024 प ृ ठ सं. 2 2025:DHC:251-DB त य 4. त य सं त ह. 5. अपीलाथ यापार च ह इं डया गेट का पंजीकृत वामी था, िजसके च न का वह 1993 से चावल के लए उपयोग कर रहा है । यथ गण ने भारत गेट नाम से चावल का कारोबार भी शु कर दया। 6. इन प रि थ तय म, अपीलाथ ने स वल वाद (वा ण.) 284/20202 के मा यम से माननीय वा णि यक यायालय से संपक कया, िजसम सहायक राहत के अलावा, भारत गेट नाम का उपयोग करने वाले यथ गण के खलाफ एक थायी और अ नवाय नषेधा ा क मांग क गई, यह तुत करते हुए क यह यापार च ह अ ध नयम, 1999 क धारा 293 के अथ म अपीलाथ के पंजीकृत केआरबीएल