Delhi High Court · 2025-01-20
IMS LEARNING RESOURCES PRIAVATE LIMITED vs YOUNG ACHIEVERS
- Citation / case number
- CS(COMM)-602/2018 2025:DHC:282
- Court
- Delhi High Court
- Petitioner
- IMS LEARNING RESOURCES PRIAVATE LIMITED
- Respondent
- YOUNG ACHIEVERS
Judgment text excerpt
2025:DHC:282 द ल उ च यायालय: नई द ल स.वा.(वा ण.) 602/2018 CS(COMM) 602/2018 आईएमएस ल नग रसोसज़ ाइवेट ल मटे ड …वाद वारा: ी वैभव व स, सु ी आमना हसन, सु ी अनु या याम, सु ी आया दे शमुख अ धव तागण (मो.नं. 9971576500) बनाम यंग अचीवस ...... तवाद वारा: सु ी नध अखौर , अ धव ता (मो.नं. 8882620960) कोरमः माननीय यायमू त सु ी मनी पु कणा नणय 20.01.2025 या. सु ी मनी पु कणा प रचयः स.वा.(वा ण.) 602/2018 पृ ठ सं. 1 2025:DHC:282 1. वतमान वाद थायी यादे श के लए दायर कया गया है , िजसम तवाद को “IMS” श द या कोई अ य च ह, नाम, लोगो, मोनो ाम या लेबल, जो वाद के े डमाक “IMS” के समान या ामक प से मलता-जुलता हो, के उपयोग से रोकने क मांग क गई है । 2. वतमान वाद वष 2011 म सं या स.वा.(मू.प.) 2316/2011 के तहत दायर कया गया था, और इस यायालय वारा दनांक 08 फरवर , 2018 को पा रत आदे श के मा यम से इसे वा णि यक वाद सं या स.वा. (वा ण.) 602/2018 के प म पुनः मां कत कया गया। 3. वाद और तवाद ने वष 2007 और 2010 म करार कए, िजनके तहत तवाद को उ र दे श के मेरठ ि थत एक क के लए “IMS” े डमाक और वा म व वाल साम ी का उपयोग करने क अनुम त द गई। आपसी सहम त से, 1 फरवर , 2011 को क बंद कर दया गया, और तवाद ने एक 'एि जट पेपर' (करार) पर ह ता र कए, िजसम उसने उस तार ख से आगे "IMS" े डमाक का कसी भी कार से उपयोग बंद करने क सहम त द । 4. वाद इस बात से य थत है क तवाद ने उ त एि ज़ट पेपर के बावजूद “IMS” े डमाक का उपयोग कया है, िजसे वाद अपनी बौ धक संपदा होने का दावा करता है , और तवाद ने उ त च ह म वाद के अ धकार का अवैध उ लंघन कया है । स.वा.(वा ण.) 602/2018 पृ ठ सं. 2 2025:DHC:282 मामले के त य 5. वाद वारा तुत त य न नानुसार है : 5.1 वाद , यानी आई.एम.एस. ल नग रसोसज ाइवेट ल मटे ड (IMS Learning Resources Pvt. Ltd.), जो क लोक य प से 'IMS' के नाम से जाना जाता है, क थापना वष 1977 म दवंगत ोफेसर नागेश रघुनाथ राणे और उनक प नी ीमती ल ला राणे वारा क गई थी। 20 सतंबर, 1999 को, वाद कंपनी को ीमती ल ना एन. राणे के साथ इसके वतक और नदे शक के प म नग मत कया गया था। इसके प चात