Delhi High Court · 2025-01-23
DR. PUSHPALATA AND ANR. vs RAM DAS HUF & ORS.
- Citation / case number
- CS(OS)-2382/2007 2025:DHC:351
- Court
- Delhi High Court
- Petitioner
- DR. PUSHPALATA AND ANR.
- Respondent
- RAM DAS HUF & ORS.
Judgment text excerpt
2025:DHC:351 द ल उ च यायालय: नई द ल नणय आर त : 01.08.2024 नणय उ घो षत : 23.01.2025 स.वा. (मू.प.) 2382/2007 डॉ. पु पलता व अ य .....याचीगण के मा यम से: ी व ण न चल, ी रजत मनचंदा, ी परवीन कालरा, सु ी अ द त संघल, सु ी सौ या, ी द पांशु भारती, ी शुभम शमा, अ धव तागण। बनाम राम दास एच.यू.एफ. व अ य ...... तवाद गण के मा यम से: ी मनीष व श ठ, व र ठ अ धव ता के साथ र क गु ता, सु ी अन या संह, ी वंशय कौल, ी वेदांश व श ठ, सु ी ह षता नाथरानी, अ धव तागण। कोरम: माननीय यायमू त ी जसमीत संह नणय : या. जसमीत संह स.वा.(मू.प.) 2382/2007 पृ ठ सं. 1 2025:DHC:351 1. वतमान वाद, न न ल खत मह वपण ू ाथनाओं क माँग करते हुए, दायर कया गया है :- क. यह घोषणा करते हुए ड पा रत क जाए क वाद को वाद म व णत एच.यू.एफ. संप य म 1/5वाँ ह सा ा त करने का अ धकार है । ख. वाद के प म और तवाद गण के व ध ारं भक वभाजन क ड यह घो षत करते हुए पा रत क जाए, क वाद वाद म व णत एच.यू.एफ. संप य म 1/5वाँ ह सा पाने का अ धकार है । ग. वाद के प म और तवाद गण के व ध यह घोषणा करते हुए क वा म व अ भलेख म कोई भी प रवतन अथवा कोई भी समझौता/ ब सं वदा आ द अमा य होगा, ड पा रत क जाए। य द तवाद गण म से कसी ने वाद क प ट सहम त के बना वाद म उि ल खत एच.यू.एफ. संप य के संबंध म कोई काय कया है या उसम वेश कया है, तो वह अकृत एवं शू य है और वाद पर बा यकार नह ं है । घ. उपरो त (क) और (ख) म व णत ारं भक ड पा रत करने के प चात ्, वाद क संप य का सीमांकन वारा वभाजन कराने हे तु थानीय आयु त/आयु त क नयुि त का आदे श पा रत स.वा.(मू.प.) 2382/2007 पृ ठ सं. 2 2025:DHC:351 कया जाए, साथ ह थानीय आयु त को अ य वभाजन के तर क का सुझाव दे ने का नदश दया जाए। और य द माननीय यायालय इस न कष पर पहुँचता है क सीमांकन वारा वभाजन करना संभव नह ं है, तो वाद क संप य को बेचा/मु त कया जाए तथा ब / ाि त क कायवाह को प कार के बीच उनके नधा रत ह से के अनुपात म वत रत कया जाए। ङ. थानीय आयु त क रपोट अथवा उपरो त ाथना “घ” म व णत कसी अ य व ध के अनुसार अं तम वभाजन ड पा रत क जाए, और य द आव यकता उ प न होती है तो संबं धत ह