Delhi High Court · 2025-01-08
AAONE DEVELOPERS PVT LTD vs SABITA JHA AND ANR
- Citation / case number
- CS(COMM)-286/2024 2025:DHC:50
- Court
- Delhi High Court
- Petitioner
- AAONE DEVELOPERS PVT LTD
- Respondent
- SABITA JHA AND ANR
Judgment text excerpt
2025:DHC:50 द ल उ च यायालय: नई द ल नण त :08.01.2025 CS(COMM)286/2024, I.A. 19153/2023 & I.A. 22347/2023 स.वा.(वाणी.) 286/2024, अंतर.आ. 19153/2023 एवं अंतर.आ. 22347/2023 एएवन डेवलपस ाइवेट ल मटे ड ......वाद वारा : ीमान अमन लेखी, व र ठ अ धव ता के साथ ी अभय गु ता एवं ी ऋि वज अ धव तागण। बनाम सबीता झा एवं अ य ...... तवाद गण वारा : ी मनु म गा एवं ी शंकर कुमार झा, अ धव तागण। कोरम: माननीय यायमू त ी वकास महाजन नणय 1. वाद ने मूलतः सामा य वाद के प म वाद दायर कया था, िजसम अ य बात के साथ-साथ वश ट न पादन क ाथना क गई थी क तवाद गण को अनुबंध के तहत अपने ह से का व श ट न पादन करने और स.वा. (वाणी) 286/2024 पृ ठ सं. 1 2025:DHC:50 6,65,53,976/- पये क बकाया रा श को 24% त वष क दर से याज स हत जार करने का नदश दया जाए। वाद के साथ-साथ, वाद ने सीपीसी के आदे श XXXIX नयम 1 और 2 के तहत एक आवेदन भी दायर कया था। यह वाद मु.वा (मु.आ.) सं या 601/2023 के प म पंजीकृत कया गया था। 2. इस यायालय ने वाद म समन जार करते हुए सी.पी.सी. के आदे श XXXIX नयम 1 और 2 के तहत अंत रम राहत क मांग करने वाले आवेदन [अंतर.आ. सं या 19153/2023] पर नो टस जार करने का भी नदश दया। 3. बाद म, ल खत बयान म तवाद गण वारा आप जताए जाने पर, दनांक 22.03.2024 के आदे श के अनुसार वाद को वा णि यक वाद म प रव तत कर दया गया और इसे स.वा. (वाणी) सं 286/2024 के वाद म पुनः मां कत कया गया। यह उ लेखनीय है क इस तरह के पांतरण से पहले, दनांक 05.10.2023 के आदे श के अनुसार, प कारगण को उनके संयु त अनरु ोध पर द ल उ च यायालय म य थता और सल ु ह क के त वावधान म म य थता के लए संद भत कया गया था, जो " नपटान नह ं होने" के प म समा त हुआ। 4. हालाँ क, दनांक 22.03.2024 के आदे श के मा यम से, इस शन पर भी वचार कया गया क या वाद दायर करने के बाद प कारगण वारा पहले से ह क गई म य थता वा णि यक यायालय अ ध नयम क धारा 12-ए [सं ेप म 'अ ध नयम'] का पया त अनुपालन होगी और या धारा 12-ए लागू स.वा. (वाणी) 286/2024 पृ ठ सं. 2 2025:DHC:50 होगी जब वाद ने त काल अंत रम राहत मांगी है , इस पर भी वाद म आगे