Delhi High Court · 2025-02-25
SARADA UKIL SCHOOL OF ART vs M/S REGAL TOWERS (P) LTD
- Citation / case number
- CM APPL.-11360/2025 2025:DHC:1335
- Court
- Delhi High Court
- Petitioner
- SARADA UKIL SCHOOL OF ART
- Respondent
- M/S REGAL TOWERS (P) LTD
Judgment text excerpt
2025:DHC:1335 द ल उ च यायालय : नई द ल नणय त थ: 25.02.2025 क. न.पु. 327/2018 एवं स. व. आ. 28461/2018, 40696/2022 RC.REV. 327/2018 & CM Appls. 28461/2018, 40696/2022 सरदा उ कल कूल ऑफ आट ......या चकाकता वारा: ी आलोक कुमार, व र ठ अ धव ता सह ी रौनक जैन एवं ी मनन सोनी, अ धव ता। बनाम मेसस र गल टावस ( ाइवेट) ल मटे ड ..... यथ वारा: ी स धाथ यादव, वर ठ अ धव ता सह इं े श उपा याय, ी ब ृजेश उपा याय, ी सौरभ कुमार व ी मोह मद फराज, अ धव तागण। कोरम: माननीय यायमू त सु ी तारा वत ता गंजू या. तारा वत ता गंजू: (मौ खक) स. व. आ. 11360/2025 [ दनांक 15.01.2025 के आदे श म संशोधन हे तु] क. न.पु. 327/2018 प ृ ठ सं. 1 2025:DHC:1335 1. यह या चकाकता क ओर से दायर एक आवेदन है िजसम दनांक 15.01.2025 के आदे श म संशोधन क मांग क गई है । 2. या चकाकता के व वान व र ठ अ धव ता तुत करते ह क आवेदन पुनर ण क कृ त का है । 3. या चकाकता के व वान व र ठ अ धव ता तुत करते ह क, जैसा क त वीर से दे खा जा सकता है , वषय प रसर क हालत बहुत अ छ नह ं है और वह खराब हालत म है। यह तक दया गया है क वषय प रसर क हालत को दे खते हुए, द ूसर वा णि यक प रसर हे तु समकाल न प टा वलेख पर वचार नह ं कया जा सकता है। 3.1 इसके अ त र त, या चकाकता के व वान व र ठ अ धव ता ने यह तक दया है क यथ ने यायालय के साथ धोखा करके आ े पत आदे श ा त कया है , इस लए उपभो ता और अ धभोग शु क का भग ु तान नह ं कया जाना चा हए। 4. यथ के व वान व र ठ अ धव ता ने ार भ म ह यह तत ु कया क उ ह जो आवेदन दया है , वह वह आवेदन नह ं है जो यायालय के सामने है और उ ह दया गया आवेदन दनांक 15.01.2025 के आदे श के पुनर ण क मांग कर रहा है। हालां क, समीचीनता को देखते हुए, वह अपनी तु तयां तुत करगे। कसी भी ि थ त म, यह नवेदन है क या चकाकता ने व ध के क. न.पु. 327/2018 प ृ ठ सं. 2 2025:DHC:1335 तहत पन ु र ण हे तु कोई आधार नह ं बताया है, य क इस मामले के इस पहलू पर इस यायालय ने अपने दनांक 11.02.2025 के आदे श म पहले ह वचार कर लया है । दनांक 11.02.2025 के आदे श के पैरा ाफ 5, 6 व 6.1 पर भरोसा जताया गया है, जो न न