Delhi High Court · 2025-02-14
RAJESH KUMAR vs HARMINDER SINGH WALIA
- Citation / case number
- RC.REV.-186/2016 2025:DHC:1359
- Court
- Delhi High Court
- Petitioner
- RAJESH KUMAR
- Respondent
- HARMINDER SINGH WALIA
Judgment text excerpt
2025:DHC:1359 द ल उ च यायालय: नई द ल नणय त थ: 14.02.2025 क. न.पु 186/2016, स. व.आवे. 10885/2016 व स. व.आवे. 40144/2021 RC.REV. 186/2016, CM APPL. 10885/2016 & CM APPL. 40144/2021 राजेश कुमार ......या चकाकता वारा: ी वभोर ब गा, सु ी ईशा डोगरा, सु ी सन ु ा ी डोगरा, अ धव तागण से या चकाकता वयं बनाम हर मंदर संह वा लया ...... यथ वारा: ी वनय शमा, अ धव ता। कोरमः माननीय यायमू त सु ी तारा वत ता गंजू तारा वत ता गंजू, या.: (मौ खक) 1. वतमान या चका या चकाकता / करायेदार वारा दायर क गई है , िजसम व वान एससीजे-आरसी, रो हणी यायालय, द ल [इसके बाद 'आ े पत आदे श' के प म संद भत] वारा दनांक 18.11.2015 को पा रत आदे श का आ े पत कया गया है । आ े पत आदे श वारा, या चकाकता/ करायेदार वारा RC.REV. 186/2016 पृ ठ सं. 1 2025:DHC:1359 दायर बचाव/ वरोध क अनुम त के लए आवेदन को खा रज कर दया गया था। ववाद त प रसर संप के भूतल पर एक द ुकान है िजसका नं. ड लूजेड-884, रानी बाग, द ल [इसके बाद ' वषय प रसर' के प म संद भत] है । 2. जैसा क ऊपर से दे खा जा सकता है , यह मामला लगभग नौ वष से लं बत है । इस यायालय ने दनांक 22.03.2016 के एक आदे श वारा, अंत रम नदश पा रत करते हुए, मामले म 6,000/- पये तमाह क दर से उपयोगकता शु क लगाया था। इसके बाद यह मामला इस यायालय के सम जार रहा। 3. दनांक 06.02.2025 को, इस यायालय ने इस त य को यान म रखते हुए यथ /मकान मा लक को सं त प से सुना था क या चकाकता/ करायेदार वारा मांगे गए थगन अनुरोध का यथ /मकान मा लक के व वान अ धव ता वारा वरोध कया गया था। 4. जहाँ तक मकान मा लक- करायेदार संबंध और वा त वक आव यकता के पहलू क बात है, यह त य या चकाकता/ करायेदार वारा वीकार कया जाता है। इस यायालय के सम चुनौती का एकमा आधार वैकि पक उपयु त आवास क उपल धता है। RC.REV. 186/2016 पृ ठ सं. 2 2025:DHC:1359 5. या चकाकता/ करायेदार के लए व वान अ धव ता ने दो तु तयां द ह। पहल बार म, वह तु त करते ह क या चकाकता/ करायेदार ने यथ /मकान मा लक को एक पगड़ी रा श का भुगतान कया था और इस कार या चकाकता वषय प रसर का मा लक बन गया था। द ूसरा, यह तक