Delhi High Court · 2025-02-14
JAN CHETNA JAGRITI AVOM SHAIKSHANIK VIKAS MANCH & ORS. vs SH ANAND RAJ JHAWAR SOLE PROPRIETOR OF M/S RR AGROTECH
- Citation / case number
- RFA-140/2025 2025:DHC:934
- Court
- Delhi High Court
- Petitioner
- JAN CHETNA JAGRITI AVOM SHAIKSHANIK VIKAS MANCH & ORS.
- Respondent
- SH ANAND RAJ JHAWAR SOLE PROPRIETOR OF M/S RR AGROTECH
Judgment text excerpt
2025:DHC:934 द ल उ च यायालय : नई द ल नणय क त थ: 14.02.2025 न. .अ. 140/2025 RFA 140/2025 जन चेतना जागत ृ ी एवं शै णक वकास मंच व अ य ......अपीलाथ गण वारा: ी मीर अदनान जहूर एवं ी अ खल भारत कुकरे जा, अ धव तागण। बनाम ी आनंद राज झावर, मेसस आरआर ए ोटे क के एकल व वधार ..... यथ वारा: कोई नह ं। कोरमः माननीय यायमू त ी गर श कठपा लया नणय (मौ खक) स. व.आ. 8976/2025 (अपील दायर करने म 562 दन क दे र क माफ हे तु) न. .अ. 140/2025 पृ ठ सं.1 2025:DHC:934 1. अपीलाथ गण, जो एक पंजीकृत गैर-सरकार संगठन (एनजीओ) ह, और इसके अ य और स चव ने धन वसूल के नणय और ड को चुनौती दे ने के लए स. .सं. क धारा 96 के तहत संल न अपील दायर करने म एक वष से अ धक क दे र को माफ करने क मांग करते हुए वतमान आवेदन दायर कया है। अपीलाथ गण के अनुसार, संबं धत वलंब 562 दन का है , जब क इस यायालय क रिज के अनुसार वलंब 565 दन का है । मने अपीलाथ गण के व वान अ धव ता क बात सुनी और अ भलेख का अ ययन कया। 2. साथ म संल न अपील दायर करने म हुई दे र का कारण आवेदन म पूव अ धव ता के व ृ क अवचार के आधार पर ह बताया गया है , जो न नवत उ ध ृत कया गया है: “3. उ त वलंब न तो जानबूझकर कया गया था और न ह सोची-समझी सािजश के तहत, बि क यह पूर तरह से अपीलाथ गण वारा नयु त पछले अ धव ता के गंभीर वृ क अवचार और लापरवाह के कारण हुआ था, जो अपीलाथ गण को आ े पत नणय और ड पा रत होने के बारे म सू चत करने म वफल रहे थे। मह वपूण त य को जानबूझकर छपाने के कारण, अपीलाथ गण को ड पा रत होने क ब कुल भी जानकार नह ं थी और वे नधा रत समय सीमा के भीतर अपील दायर करने के अपने वैधा नक अ धकार का योग नह ं कर सके। 4. अपीलाथ गण आम नाग रक होने के नाते और अपने पूव व धक अ धव ता पर भरोसा करते हुए क वे उनका स य न ठा से तनध व करगे, इस स भावनापूवक व वास के तहत बने रहे क उनके अ धकार क र ा के लए उ चत व धक कारवाई क जा रह है। हालां क, हाल ह म पूछताछ करने पर अपीलाथ गण को इस त य क जानकार हुई क न. .अ. 140/2025 पृ ठ सं.2 2025:DHC:934 आ े पत नणय पहले ह पा रत हो चुका था और उनके पूव व धक अ धव ता क नि यता के कारण अप